Negative Thinking kaise Door karen : Full Hindi Article

Negative Thinking kaise Door karen : Full Hindi Article AND SALUTATION BY www.myamazingpictures.com

Negative Thinking kaise Door karen : Full Hindi Article – SALUTATION. किसी भी देश की सबसे बड़ी नीव उस देश की युवा पीढ़ी Young Generation होती है | Negative thinking हमारे देश में हज़ारों नवयुवक है BUT सिर्फ है | कुछ स्टूडेंट्स COMPETATION EXAMS की तैयारियों में जुटे हैं, पढाई , मेहनत कर रहे हैं , रोजगार अपना लिए हैं और कुछ सिर्फ सपने देख कर सरकार को कोष रहे हैं, “Negative thinking”

Negative Thinking kaise Door Karen: Full Hindi Article AND SALUTATION

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किसी भी देश की सबसे बड़ी नीव उस देश की युवा पीढ़ी Young Generation होती है | Negative thinking हमारे देश में हज़ारों नवयुवक है BUT सिर्फ है | कुछ स्टूडेंट्स COMPETATION EXAMS की तैयारियों में जुटे हैं, पढाई , मेहनत कर रहे हैं , रोजगार अपना लिए हैं और कुछ सिर्फ सपने देख कर सरकार को कोष रहे हैं, “Negative thinking”

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इस देश के युवा अपना आधा टाइम इस देश के सिस्टम को कोसने में वेस्ट कर देते हैं | जबको उनको इस SYSTEM को सुधारने में मेहनत करना चाहिए | युवा आलसी हो गयी है, ना जाने क्यों पता नही | किसी को पढ़ाई में INTREST है, BUT कुछ STUDENTS गलत राह में चल कर अपने FUTURE और अपने देश के FUTURE को भी ख़राब कर रहे हैं | आज के युग में EDUCATION IS MOST IMPORTANT |

पर ना जाने क्यों कोई इस बात को ध्यान नहीं देता | एक CLASS में 100 STUDENTS रहते हैं BUT मुश्किल से 10 से 15 ही SUCCESS हो पाते हैं क्यों । वही टीचर वही क्लास फिर भी 90% STUDENTS UNSUCCESSFULL हैं। इसका सबसे बड़ा कारण हैं , आलस । लोग सोंचते हैं हम नही कर सकते हैं। वो नहीं कर पाए तो हम क्या कर सकते हैं , यही सबसे बड़ा करण होता है। जो एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैलाता है और यही बीमारी देश की नींव को कमजोर कर रही है।

Negative Thinking weak and lazy

इसे एक प्रकार का नकारात्मक सोंच भी बोल सकते हैं but मुझे आलसी बोलना ज्यादा better लगता है। कुछ करने से सफलता मिलती है ना की बोलने से। सिर्फ जॉब के बारे में सोंचने से नौकरी नहीं मिलती है, इस बात को हर किसी को समझना चाहिए । सबसे बड़ी बात होती है आप पुरे 24 घंटे में क्या करते है अपना सारा समय किस काम के लिए स्तेमाल करते हैं । उसी से पता चलता है की कोई इन्शान अपनी लाइफ में क्या कर सकता है, अगर SUCCESS आसानी से मिल जाती तो पूरी दुनिया तो अस्त – व्यस्त हो जाती ।

Negative Thinking

कुछ भी करने के लिए उठना पड़ता है , स्टार्ट करना जरुरी है सोंचने से क्या मिलता है ? कुछ लोग किसी भी काम को START किये बिना उसे कठिन मान कर उसे करना ही छोड़ देते हैं यहीं से START होती है आलस और नकारात्मक सोंच । फिर उस काम के अनुसार वो बढ़ती ही जाती है और इसी सोंच से एक दिन कुछ भी काम करने की क्षमता ख़तम हो जाती है । तब फिर देश या सिस्टम की बुराई करना सबसे आसान और सही लगने लगता है ।

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